एक एमएफडी (MFD) के रूप में, अक्सर आपके पास ऐसे निवेशक आते हैं जो निवेश के दौरान नॉमिनी तो भर देते हैं, लेकिन बाद में प्रक्रियात्मक बारीकियों के कारण भ्रमित रहते हैं। मान लीजिए कि एक सेवानिवृत्त निवेशक ने अपने तीन बच्चों को समान रूप से नॉमिनी बनाया है, लेकिन उसने कहीं भी प्रतिशत का उल्लेख नहीं किया।
यहाँ महत्वपूर्ण यह समझना है कि भारतीय कानूनों के तहत, नॉमिनी एक ‘ट्रस्टी’ या कस्टोडियन की तरह काम करता है, न कि अंतिम मालिक के रूप में। मृत्यु के बाद, वह निवेश का हस्तांतरण (Transmission) नॉमिनी के नाम पर तो हो जाएगा, लेकिन वह यूनिट्स का पूर्ण कानूनी मालिक तब तक नहीं बनता जब तक कि वसीयत (Will) या कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) के तहत अन्य उत्तराधिकारियों के दावे को खारिज न किया जाए।
जब आप एक एमएफडी के रूप में ऐसी स्थितियों को देखते हैं, तो आपका कर्तव्य है कि आप निवेशक को यह समझाएं कि नामांकन फॉर्म में प्रतिशत का स्पष्ट उल्लेख करना कितना अनिवार्य है। यदि प्रतिशत का उल्लेख नहीं है, तो म्यूचुअल फंड हाउस (AMC) कानूनन सभी नॉमिनी को बराबर हिस्सा आवंटित कर देगा, भले ही निवेशक की मंशा कुछ और हो। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक वित्तीय सुरक्षा का मामला है।
यदि आप समय रहते अपने क्लाइंट को नॉमिनी का प्रतिशत स्पष्ट करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते हैं, तो उनकी मृत्यु के बाद परिवार में विवाद की संभावना बढ़ जाती है।
ट्रांसमिशन की प्रक्रिया में नॉमिनी को केवल फोलियो का नियंत्रण मिलता है, जबकि कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Heir) वह व्यक्ति होता है जिसके पास वसीयत के आधार पर वास्तविक स्वामित्व का अधिकार होता है। कई बार एमएफडी यह मान लेते हैं कि नॉमिनी ही सब कुछ है, जो एक गंभीर चूक है। आपको हमेशा यह सलाह देनी चाहिए कि निवेशक अपनी वसीयत अपडेट रखे और नॉमिनेशन को उसके साथ संरेखित (align) करे।
एक कुशल एमएफडी वही है जो न केवल रिटर्न पर ध्यान देता है, बल्कि निवेश के सुचारू हस्तांतरण के लिए भी नींव तैयार करता है।
💡सूक्ष्म बिंदु
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एक निवेशक ने अपने फोलियो में तीन नॉमिनी नियुक्त किए हैं लेकिन होल्डिंग प्रतिशत निर्दिष्ट नहीं किया है। निवेशक की मृत्यु के बाद, एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) यूनिट्स का वितरण कैसे करेगी?
नामांकित व्यक्ति (Nominee) और कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Heir) के बीच क्या मूलभूत अंतर है?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘9.13 — म्यूचुअल फ़ंड में गैर-वित्तीय ट्रांजेक्शन’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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