एक निवेशक का फोन आता है कि उसके लिक्विड फंड (Liquid Fund) में पिछले दो दिनों से कोई खास हलचल नहीं है, जबकि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव है। एक MFD के रूप में, यहाँ आपकी भूमिका उसे यह समझाना है कि फंड मैनेजर का मुख्य उद्देश्य केवल शेयर चुनना नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो में पर्याप्त नकदी (Cash) का प्रबंधन करना भी है।
यदि कोई स्कीम शेयर बेचती है और उसके पास दो करोड़ रुपये नकद आते हैं, तो यह राशि तुरंत किसी दूसरी संपत्ति में निवेश नहीं की जाती। इसे तब तक लिक्विड फंड्स या सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में रखा जाता है जब तक कि बाजार में कोई उपयुक्त अवसर न मिल जाए।
इस ‘कैश होल्डिंग’ पर मिलने वाला प्रतिफल कम हो सकता है, लेकिन यह निवेशकों की निकासी (Redemption) की मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक तरलता सुनिश्चित करता है।
नकदी का यह प्रबंधन सीधे NAV को प्रभावित करता है क्योंकि नकद राशि पर अर्जित ब्याज भी नेट एसेट का हिस्सा होता है। यदि कोई स्कीम अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा नकदी के रूप में रखती है, तो उसका प्रदर्शन बुल मार्केट (Bull Market) में बेंचमार्क से कम रह सकता है, लेकिन गिरावट के समय यही नकदी सुरक्षा कवच का काम करती है।
MFD के रूप में आपको निवेशक को यह स्पष्ट करना होगा कि नकदी का स्तर फंड की रणनीति का प्रतिबिंब है। एक बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में नकदी का स्तर बाजार के मूल्यांकन के आधार पर बदलता रहता है, जो पूरी तरह से स्कीम के निवेश उद्देश्यों के अनुरूप होता है।
जब आप किसी निवेशक को पोर्टफोलियो का विवरण समझाते हैं, तो नकदी प्रबंधन की उपेक्षा करना एक गंभीर त्रुटि है। निवेशक अक्सर केवल शेयरों के नाम देखते हैं, लेकिन नकदी का अनुपात यह बताता है कि फंड मैनेजर बाजार के प्रति कितना सतर्क है। यदि आप इसे ठीक से नहीं समझाते, तो निवेशक घबराहट में फंड बदल सकता है, यह सोचकर कि फंड मैनेजर निष्क्रिय बैठा है।
याद रखें कि निवेश का अनुशासन केवल सही शेयरों को चुनने में नहीं, बल्कि यह तय करने में भी है कि बाजार की किस स्थिति में कितनी नकदी को होल्ड करना है। पोर्टफोलियो में मौजूद नकदी केवल बेकार पैसा नहीं, बल्कि आगामी अवसरों और सुरक्षा का एक संयोजित भंडार है।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक म्यूचुअल फंड स्कीम द्वारा शेयर बेचकर प्राप्त की गई नकदी का NAV की गणना पर क्या प्रभाव पड़ता है?
फंड मैनेजर द्वारा पोर्टफोलियो में उच्च नकदी स्तर (Cash Level) बनाए रखने का मुख्य रणनीतिक उद्देश्य क्या हो सकता है?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘7.2 — म्यूचुअल फ़ंड स्कीम के नेट एसेट और NAV की गणना’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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