एक MFD के पास जब कोई निवेशक आता है, तो अक्सर चर्चा केवल लार्ज-कैप या मिड-कैप फंडों तक सीमित रहती है। हालांकि, पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए जब आप उन्हें विदेशी प्रतिभूतियों (Foreign Securities) में निवेश करने वाली किसी स्कीम का सुझाव देते हैं, तो रिस्कोमीटर की भूमिका बदल जाती है। एक सामान्य भारतीय इक्विटी फंड और विदेशी निवेश वाले फंड के जोखिम प्रोफाइल में जमीन-आसमान का अंतर होता है।
रिस्कोमीटर केवल बाजार के उतार-चढ़ाव को नहीं मापता, बल्कि विदेशी बाजार की विनिमय दर जोखिम (Exchange Rate Risk) और भौगोलिक अनिश्चितताओं को भी समाहित करता है।
भारतीय संदर्भ में, जब कोई फंड विदेशी बाजारों जैसे कि अमेरिकी नैस्डैक (NASDAQ) या अन्य अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में निवेश करता है, तो वहां रिस्कोमीटर का स्तर अक्सर अधिक दिखाया जाता है। यह इसलिए है क्योंकि स्थानीय बाजार के जोखिमों के अलावा, वहां करेंसी में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक कारकों का प्रभाव भी जुड़ जाता है।
एक MFD के रूप में, यदि आप रिस्कोमीटर के इन विशिष्ट बिंदुओं को नजरअंदाज करते हैं, तो आप निवेशक को एक ऐसे जोखिम क्षेत्र में धकेल सकते हैं, जिसे समझने के लिए वह मानसिक रूप से तैयार नहीं है।
अनुभव यह बताता है कि निवेशक अक्सर रिस्कोमीटर को केवल एक रंगीन चार्ट समझकर अनदेखा कर देते हैं। आपको उन्हें यह स्पष्ट रूप से समझाना होगा कि विदेशी निवेश वाली स्कीम ‘वेरी हाई’ (Very High) जोखिम श्रेणी में क्यों आती है। एक पोर्टफोलियो में ऐसी स्कीम को जोड़ते समय, केवल उसके ऐतिहासिक रिटर्न को न देखें, बल्कि उस भौगोलिक जोखिम को भी ध्यान में रखें जो रिस्कोमीटर के स्कोर को प्रभावित करता है। सही मार्गदर्शन ही एक MFD को केवल विक्रेता से बदलकर एक भरोसेमंद वित्तीय मार्गदर्शक बनाता है।
रिस्कोमीटर का उद्देश्य किसी स्कीम के ‘जोखिम तत्व’ को पारदर्शी बनाना है, न कि उसे कम करके दिखाना। अपने निवेशक को हमेशा यह समझाएं कि अधिक रिटर्न की संभावना अक्सर अधिक जोखिम के साथ ही आती है, विशेष रूप से जब सीमा पार के निवेश शामिल हों।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक अंतरराष्ट्रीय इक्विटी फंड में विदेशी प्रतिभूतियों के कारण रिस्कोमीटर के स्कोर पर क्या प्रभाव पड़ता है?
यदि किसी स्कीम का रिस्कोमीटर ‘वेरी हाई’ (Very High) प्रदर्शित करता है, तो एक MFD को क्या करना चाहिए?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘5.1 — अनिवार्य दस्तावेज़’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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