एक MFD के रूप में, जब आप अपने किसी निवेशक को किसी नई स्कीम के बारे में जानकारी देने के लिए ब्रोशर या डिजिटल विज्ञापन दिखाते हैं, तो यह केवल एक सूचना पत्रक नहीं बल्कि एक कानूनी दस्तावेज होता है।
यदि विज्ञापन में ‘पिछले प्रदर्शन का भविष्य में दोहराव सुनिश्चित है’ जैसे भ्रामक दावे लिखे हों, तो यह न केवल सेबी (SEBI) के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक पेशेवर के रूप में आपके करियर के लिए भी गंभीर खतरा है। विज्ञापन संहिता (Advertisement Code) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशक को उत्पाद के जोखिमों और उसके स्वरूप की स्पष्ट जानकारी मिले, न कि कोई लुभावने वादे किए जाएं।
सेबी ने विज्ञापन संहिता के तहत यह अनिवार्य किया है कि प्रत्येक संचार में फंड की श्रेणी, रिस्क-ओ-मीटर (Risk-o-meter) और उचित डिस्क्लेमर का स्पष्ट उल्लेख हो। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) का विज्ञापन कर रहे हैं, तो उसमें तीन वर्ष के लॉक-इन पीरियड और कर लाभ की शर्तों को प्रमुखता से दिखाना आवश्यक है।
विज्ञापनों में किसी भी प्रकार की तुलनात्मक रैंकिंग या व्यक्तिगत रिटर्न का प्रदर्शन करते समय यह ध्यान रखना अनिवार्य है कि वह सेबी और भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (AMFI) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। यदि आप अपनी वेबसाइट या सोशल मीडिया पर किसी स्कीम का प्रदर्शन दिखा रहे हैं, तो आपको वहां कुल रिटर्न सूचकांक (TRI) का ही उपयोग करना चाहिए ताकि निवेशक को वास्तविक बेंचमार्क रिटर्न का पता चल सके।
अनुपालन की यह प्रक्रिया आपके दैनिक व्यावसायिक जीवन का अभिन्न अंग है। जब आप विज्ञापनों में पारदर्शिता बनाए रखते हैं, तो आप निवेशक के मन में यह विश्वास पैदा करते हैं कि आप एक जिम्मेदार MFD हैं। किसी भी अपुष्ट दावे को अपने विज्ञापनों में शामिल करना न केवल दंडनीय है, बल्कि यह आपके और निवेशक के बीच के भरोसे को भी नष्ट कर सकता है।
एक पेशेवर के लिए नियम केवल प्रतिबंध नहीं हैं, बल्कि ये वे दिशा-निर्देश हैं जो पूरे उद्योग की विश्वसनीयता को सुरक्षित रखते हैं। याद रखें कि एक सुशिक्षित निवेशक ही आपका सबसे बड़ा परिसंपत्ति है, और आपका हर विज्ञापन उस शिक्षा की पहली कड़ी होना चाहिए।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक MFD अपने निवेशक को सोशल मीडिया पर एक फंड का चार्ट भेजता है जिसमें केवल पिछले एक वर्ष का शानदार रिटर्न दिखाया गया है और रिस्क-ओ-मीटर को हटा दिया गया है। सेबी के विज्ञापन संहिता के अनुसार यह कदम क्यों गलत है?
यदि किसी म्यूचुअल फंड विज्ञापन में ‘गारंटीड रिटर्न’ या ‘निश्चित लाभ’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, तो इसके संबंध में सेबी का रुख क्या है?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘4.2 — भारत में प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की भूमिका’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
कॉपीराइट (स्वत्वाधिकार) © २०२६ `अखिलेश गुरुरानी. सर्वाधिकार सुरक्षित.