एक निवेशक आपके कार्यालय में आता है और मेज पर तीन अलग-अलग म्यूचुअल फंड स्कीम के ब्रोशर रखता है, जिनमें से एक ने पिछले वर्ष में 40 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वह आपसे बिना किसी संकोच के कहता है कि उसे केवल उसी स्कीम में निवेश करना है। यहाँ एक MFD के रूप में आपकी भूमिका केवल एक ऑर्डर-टेकर की नहीं, बल्कि एक शिक्षक की होती है।
आपको उन्हें यह समझाना होगा कि उच्च रिटर्न हमेशा उच्च जोखिम का परिणाम होते हैं और यह संबंध वित्तीय बाजार का एक अटल नियम है।
वित्तीय बाजार में जोखिम और रिटर्न का संबंध एक सी-सॉ (झूला) की तरह है। यदि आप अधिक लाभ की अपेक्षा करते हैं, तो आपको अधिक अनिश्चितता को स्वीकार करना होगा। उदाहरण के लिए, एक इक्विटी स्मॉल-कैप फंड में लंबी अवधि में संपदा निर्माण की क्षमता तो होती है, लेकिन उसमें बाजार की गिरावट के दौरान भारी उतार-चढ़ाव सहने की शक्ति भी होनी चाहिए। इसके विपरीत, एक डेट फंड या लिक्विड फंड कम जोखिम के साथ पूंजी की सुरक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन वहां रिटर्न की दरें भी सीमित होती हैं।
एक MFD के नाते, आपकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि निवेशक के पोर्टफोलियो का जोखिम-रिटर्न प्रोफाइल उनकी वास्तविक क्षमता और लक्ष्यों के अनुरूप हो। यदि आप केवल अधिक रिटर्न देखकर किसी आक्रामक स्कीम की सिफारिश कर देते हैं, तो बाजार में मामूली सुधार आने पर निवेशक घबराकर निवेश बंद कर सकता है। व्यवहारिक रूप से, आपको निवेशक की रिस्क-प्रोफाइलिंग करनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि क्या वे वाकई उस अस्थिरता को झेलने में सक्षम हैं जो उच्च रिटर्न वाली स्कीम के साथ जुड़ी होती है।
याद रखें कि आपकी सिफारिश केवल आंकड़ों पर आधारित नहीं होनी चाहिए, बल्कि निवेशक के जीवन के लक्ष्यों और उनकी भावनात्मक सहनशक्ति पर टिकी होनी चाहिए। एक सचेत MFD वही है जो निवेशक को यह समझा सके कि रिटर्न की दौड़ में जोखिम का अनदेखा करना किसी बड़ी वित्तीय भूल का निमंत्रण देना है। जोखिम को समझना और उसे प्रबंधित करना ही लंबी अवधि में सफल निवेश की एकमात्र कुंजी है।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक युवा निवेशक, जिसके पास कोई वित्तीय दायित्व नहीं है, उच्च रिटर्न चाहता है। एक MFD के रूप में, आप जोखिम-रिटर्न संबंध के आधार पर क्या सुझाव देंगे?
यदि किसी स्कीम का जोखिम-रिटर्न प्रोफाइल निवेशक के लक्ष्यों से मेल नहीं खाता, तो MFD को क्या करना चाहिए?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘12.6 — म्यूचुअल फ़ंड स्कीम का चयन करते समय क्या करें और क्या न करें’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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