एक निवेशक आपके कार्यालय में आता है जिसके पास अगले तीन से छह महीनों के लिए एक बड़ी नकदी राशि है, जिसे वह बैंक बचत खाते से अधिक रिटर्न पर सुरक्षित रखना चाहता है। यहाँ एक MFD के रूप में आपकी भूमिका उस राशि को इक्विटी फंडों के जोखिम में डालने के बजाय लिक्विड फंड (Liquid Fund) की श्रेणी को समझने की है।
लिक्विड फंड मुख्य रूप से मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और बहुत कम अवधि के डेट पेपर जैसे ट्रेजरी बिल, कमर्शियल पेपर और डिपॉजिट सर्टिफिकेट में निवेश करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य पूंजी की सुरक्षा और उच्च तरलता सुनिश्चित करना होता है, जिससे निवेशक अपनी आवश्यकता पड़ने पर आसानी से धन निकाल सके।
इन फंडों की सबसे बड़ी विशेषता इनका अत्यंत कम परिपक्वता (maturity) प्रोफाइल है, जो आमतौर पर 91 दिनों से कम की अवधि के निवेशों पर केंद्रित होता है। इस कम अवधि के कारण, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का इन फंडों पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है, जिससे वे अस्थिरता के प्रति संवेदनशील नहीं होते।
जब आप किसी निवेशक को लिक्विड फंड का सुझाव देते हैं, तो आप उसे एक ऐसा विकल्प दे रहे होते हैं जो बाजार के बड़े झटकों से सुरक्षित है। यह उन निवेशकों के लिए आदर्श है जो ‘इमरजेंसी फंड’ का प्रबंधन कर रहे हैं या किसी बड़े निवेश के लिए धन जुटा रहे हैं।
एक MFD के रूप में, आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि लिक्विड फंड का चयन करते समय केवल प्रतिफल (yield) न देखें, बल्कि पोर्टफोलियो की क्रेडिट गुणवत्ता (credit quality) का भी आकलन करें। कुछ फंड मैनेजर उच्च रिटर्न देने के प्रयास में थोड़ी कम रेटिंग वाले कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं, जो तरलता और सुरक्षा के मूल उद्देश्य को प्रभावित कर सकता है।
हमेशा ऐसे लिक्विड फंडों को प्राथमिकता दें जो उच्च श्रेणी के सरकारी प्रतिभूतियों या ए-वन प्लस (A1+) रेटिंग वाले पत्रों में निवेश करते हैं। एक कुशल वितरक के रूप में आपका कार्य केवल रिटर्न दिखाना नहीं, बल्कि निवेशक को एक ऐसे माध्यम से जोड़ना है जो उनकी अल्पकालिक पूंजी को बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के सुरक्षित रख सके।
अंततः, लिक्विड फंड पोर्टफोलियो में स्थिरता का वह तत्व है जो आपके निवेशक को बाजार की घबराहट के समय भी शांत रखता है। जब निवेशक को पता होता है कि उसका अल्पकालिक धन सही जगह सुरक्षित है, तो वह लंबी अवधि के इक्विटी निवेशों में भी अधिक धैर्य बनाए रख पाता है।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक निवेशक के पास तीन महीने बाद घर खरीदने के लिए डाउन पेमेंट के रूप में एक बड़ी राशि है। उसे इस राशि को कहाँ निवेश करना चाहिए ताकि तरलता बनी रहे और जोखिम न्यूनतम हो?
लिक्विड फंड्स के संदर्भ में फंड मैनेजर द्वारा ‘पोर्टफोलियो की क्रेडिट गुणवत्ता’ पर ध्यान देना क्यों अनिवार्य है?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘12.4 — विभिन्न AMCs द्वारा या स्कीम संवर्ग के भीतर ऑफर की गई म्यूचुअल फ़ंड स्कीम का चयन’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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