एक निवेशक आपके पास आकर पूछता है कि उनका लार्ज-कैप फंड पिछले एक वर्ष में 15 प्रतिशत का रिटर्न दे रहा है, तो क्या यह एक उत्कृष्ट प्रदर्शन है। एक कुशल म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर (MFD) के रूप में, आप जानते हैं कि केवल एक संख्या को देखकर निष्कर्ष निकालना एक गंभीर भूल हो सकती है।
यदि उसी अवधि में संबंधित बेंचमार्क इंडेक्स, जैसे निफ्टी 100 या एसएंडपी बीएसई 100 ने 20 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, तो वह फंड वास्तव में अपने बेंचमार्क से कम प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए हमेशा सांख्यिकीय संदर्भ की आवश्यकता होती है, जिसे हम बेंचमार्क तुलना कहते हैं।
बेंचमार्क केवल एक सूचकांक नहीं, बल्कि एक दर्पण है जो फंड मैनेजर की सक्रिय प्रबंधकीय क्षमता (active management) को दर्शाता है। जब आप किसी स्कीम की समीक्षा करते हैं, तो यह देखिए कि फंड मैनेजर ने बेंचमार्क की तुलना में कितना ‘अल्फा’ उत्पन्न किया है। यदि फंड लगातार अपने बेंचमार्क से पिछड़ रहा है, तो यह संकेत है कि फंड की निवेश रणनीति या उसका पोर्टफोलियो प्रबंधन कमजोर हो सकता है।
एक MFD के नाते, आपकी जिम्मेदारी यह है कि आप निवेशक को केवल रिटर्न के आंकड़ों के पीछे न भागने दें, बल्कि उन्हें यह समझाएं कि जोखिम-समायोजित रिटर्न (risk-adjusted returns) और बेंचमार्क के प्रति सामंजस्य अधिक महत्वपूर्ण है।
आइए एक लघु उदाहरण देखें। मान लीजिए एक मिड-कैप फंड 18 प्रतिशत रिटर्न देता है, जबकि उसका बेंचमार्क 12 प्रतिशत पर है। यहाँ फंड का प्रदर्शन प्रशंसनीय दिखता है। हालांकि, यदि उसी दौरान अन्य प्रतिस्पर्धी फंडों ने 22 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, तो श्रेणी (category) के भीतर उस फंड का सापेक्ष प्रदर्शन (relative performance) औसत दर्जे का माना जाएगा। इसलिए, केवल बेंचमार्क से तुलना करना पर्याप्त नहीं है; सह-समूह (peer group) और श्रेणी के औसत के साथ प्रदर्शन की तुलना करना भी अनिवार्य है।
अंत में, प्रदर्शन की स्थिरता का आकलन करने के लिए अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय लंबी अवधि की निरंतरता पर ध्यान केंद्रित करें। एक अच्छा फंड वह है जो बाजार की तेजी में बेंचमार्क के साथ चले और बाजार की गिरावट में बेंचमार्क की तुलना में कम गिरावट दिखाए। याद रखें, निवेश का मूल्यांकन करते समय बेंचमार्क वह आधार रेखा है जो आपके द्वारा सुझाई गई स्कीम की सफलता या विफलता का वास्तविक प्रमाण प्रस्तुत करती है।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक म्यूचुअल फंड स्कीम ने पिछले तीन वर्षों में 12 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न दिया है, जबकि उसका निर्धारित बेंचमार्क इंडेक्स इसी अवधि में 14 प्रतिशत का रिटर्न देने में सफल रहा। एक MFD के रूप में आप इस स्थिति का विश्लेषण कैसे करेंगे?
इक्विटी फंड के ‘रोलिंग रिटर्न’ (rolling returns) का उपयोग प्रदर्शन विश्लेषण में क्यों किया जाता है?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘12.4 — विभिन्न AMCs द्वारा या स्कीम संवर्ग के भीतर ऑफर की गई म्यूचुअल फ़ंड स्कीम का चयन’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
कॉपीराइट (स्वत्वाधिकार) © २०२६ `अखिलेश गुरुरानी. सर्वाधिकार सुरक्षित.