एक एमएफडी (MFD) के दैनिक कार्य में सबसे बड़ी चुनौती निवेशक को बाजार की अस्थिरता के दौरान संयमित रखना होता है। विचार करें कि आपके पास एक ऐसा निवेशक आता है जो अपने पूरे पोर्टफोलियो को केवल सेक्टर फंड्स में लगाने की इच्छा रखता है, क्योंकि उसे किसी एक विशिष्ट उद्योग से त्वरित लाभ की उम्मीद है।
एक कुशल एमएफडी के रूप में आपका कार्य उसे यह समझाना है कि सारा धन एक ही टोकरी में रखना न केवल जोखिम भरा है, बल्कि दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों के लिए आत्मघाती भी हो सकता है। यहीं पर ‘कोर और सैटेलाइट’ (Core and Satellite) रणनीति का उपयोग एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में सामने आता है।
इस रणनीति का सार यह है कि निवेशक के पोर्टफोलियो का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा ‘कोर’ यानी स्थिर फंड्स में होना चाहिए। इसमें लार्ज-कैप फंड्स या इंडेक्स फंड्स जैसे निवेश शामिल होते हैं जो बाजार के उतार-चढ़ाव को सहने की क्षमता रखते हैं और एक स्थिर आधार प्रदान करते हैं। शेष 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा ‘सैटेलाइट’ निवेश के लिए सुरक्षित रखा जाता है।
यह वह हिस्सा है जहाँ निवेशक अपनी रुचि के विशिष्ट सेक्टर फंड्स, फोकस्ड फंड्स या स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश कर सकते हैं, जिससे पोर्टफोलियो में अल्फा जनरेट करने की संभावना बनी रहे।
जब आप एक निवेशक के पोर्टफोलियो को इस तरह व्यवस्थित करते हैं, तो आप उसे केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि एक सुरक्षा चक्र प्रदान कर रहे होते हैं। यदि सैटेलाइट हिस्से में प्रदर्शन कमजोर भी रहता है, तो पोर्टफोलियो का ‘कोर’ हिस्सा निवेशक के मनोबल और निवेश को सुरक्षित रखता है। यह दृष्टिकोण एमएफडी को अपनी भूमिका में एक रणनीतिकार बनाता है, न कि केवल एक आदेश निष्पादित करने वाला एजेंट।
एक सही ढंग से तैयार किया गया कोर-सैटेलाइट मॉडल निवेशक को अनावश्यक घबराहट से बचाता है और अनुशासन बनाए रखने में मदद करता है।
अतः, एक एमएफडी के लिए यह अनिवार्य है कि वह किसी भी पोर्टफोलियो की अनुशंसा करने से पहले उसके कोर और सैटेलाइट आवंटन की समीक्षा करे। याद रखें, पोर्टफोलियो निर्माण केवल विविधता लाने का नाम नहीं है, बल्कि यह जोखिम और अवसर के बीच का एक सटीक संतुलन है। जिस प्रकार एक भवन की नींव मजबूत होनी आवश्यक है, उसी प्रकार आपके निवेशक का निवेश आधार भी सुदृढ़ होना चाहिए, ताकि ऊपर की मीनारें किसी भी विपरीत परिस्थिति में स्थिर रह सकें।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक निवेशक अपने पोर्टफोलियो में स्थिरता चाहता है लेकिन साथ ही विकास के अवसरों को छोड़ना नहीं चाहता। कोर और सैटेलाइट रणनीति के अनुसार, आप उसे पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा हिस्सा कहाँ निवेश करने का सुझाव देंगे?
कोर और सैटेलाइट रणनीति में ‘सैटेलाइट’ पोर्टफोलियो का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘12.3 — म्यूचुअल फ़ंड की निवेश रणनीति पर आधारित स्कीम का चयन’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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