म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं कठिनाई स्तर: शुरुआती (Beginner) पढ़ने का समय: 2 मिनट
📌 Chapter 10.8 — क्रेडिट जोखिम के संबंध में कुछ प्रावधान

एक म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में जब आप किसी निवेशक के पोर्टफोलियो की समीक्षा करते हैं, तो अक्सर ‘क्रेडिट रेटिंग’ शब्द सामने आता है। आप देखते हैं कि फंड के पोर्टफोलियो का अधिकांश हिस्सा ‘AAA’ या ‘AA’ श्रेणी के कागजों में निवेशित है, लेकिन पोर्टफोलियो के अंत में कुछ निवेश ‘अनरेटेड’ (Unrated) के रूप में दिखाई देते हैं।

कई MFDs यहाँ भ्रमित हो जाते हैं कि यदि किसी कंपनी ने अपनी क्रेडिट रेटिंग नहीं करवाई है, तो क्या वह निवेश जोखिम भरा है या पूरी तरह से असुरक्षित है। यह समझना आवश्यक है कि ‘अनरेटेड’ का अर्थ स्वतः ही ‘खराब’ नहीं होता है।

अनरेटेड डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स वे ऋण प्रपत्र हैं जिन्हें सेबी (SEBI) द्वारा पंजीकृत किसी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (CRA) द्वारा रेटिंग प्रदान नहीं की गई है। यह स्थिति अक्सर तब उत्पन्न होती है जब कोई कंपनी छोटी हो या फिर उसने रेटिंग प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को पूरा न किया हो। म्यूचुअल फंड के संदर्भ में, फंड मैनेजर अपनी आंतरिक शोध प्रक्रिया (Internal Research) के आधार पर इन प्रपत्रों की गुणवत्ता का आकलन करते हैं।

एक MFD के रूप में आपको यह समझना चाहिए कि फंड हाउस का क्रेडिट विश्लेषण विभाग इन प्रपत्रों को खरीदने से पहले उसकी तरलता और जारीकर्ता की वित्तीय स्थिति का गहन परीक्षण करता है।

अनरेटेड प्रपत्रों में निवेश करना फंड मैनेजर की एक सक्रिय रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जहाँ उन्हें लगता है कि रेटिंग न होने के बावजूद कंपनी का कैश फ्लो मजबूत है। हालांकि, यदि पोर्टफोलियो में इनका अनुपात बढ़ जाता है, तो यह तरलता के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। जब बाजार में अस्थिरता आती है, तो अनरेटेड प्रपत्रों को बेचना मुश्किल होता है क्योंकि उनके लिए कोई सक्रिय द्वितीयक बाजार (Secondary Market) नहीं होता है।

एक MFD के तौर पर आपका काम निवेशक को यह स्पष्ट करना है कि पोर्टफोलियो में अनरेटेड निवेश का समावेश फंड के जोखिम-रिटर्न प्रोफाइल को कैसे प्रभावित कर रहा है।

जब आप किसी डेब्ट स्कीम का चयन करते हैं, तो हमेशा फैक्ट शीट (Fact Sheet) में क्रेडिट प्रोफाइल अनुभाग को देखें। यदि किसी स्कीम में अनरेटेड पेपर का उच्च संकेंद्रण है, तो उसे अधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। अंत में, यह याद रखें कि अनरेटेड प्रपत्र निवेश में विविधता के अवसर तो दे सकते हैं, लेकिन पारदर्शिता की कमी के कारण वे एक MFD के लिए निरंतर निगरानी का विषय बने रहने चाहिए।

अपनी पेशेवर भूमिका में, आप केवल रिटर्न पर ध्यान केंद्रित न करें, बल्कि यह भी देखें कि जोखिम का प्रबंधन कैसे किया जा रहा है, क्योंकि निवेश की सुरक्षा ही एक MFD की सबसे बड़ी पूंजी है।


💡सूक्ष्म बिंदु

⚠️ Nuance
परीक्षार्थी अक्सर यह गलतफहमी पाल लेते हैं कि अनरेटेड प्रपत्र निवेश के योग्य नहीं होते या वे अवैध होते हैं। वास्तव में, सेबी के नियमों के तहत म्यूचुअल फंड्स को एक निश्चित सीमा के भीतर अनरेटेड प्रपत्रों में निवेश करने की अनुमति है, बशर्ते फंड हाउस का आंतरिक क्रेडिट रिसर्च मजबूत हो। एक MFD के रूप में, आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि ‘अनरेटेड’ केवल रेटिंग की अनुपस्थिति है, न कि डिफॉल्ट की गारंटी।

🧠 ज्ञान परखें

Practice Question 1

एक म्यूचुअल फंड स्कीम के क्रेडिट प्रोफाइल में ‘अनरेटेड’ डेब्ट इंस्ट्रूमेंट का उल्लेख है। एक MFD के रूप में आप इस स्थिति का सही मूल्यांकन कैसे करेंगे?

Practice Question 2

सेबी के दिशानिर्देशों के तहत, म्यूचुअल फंड हाउस द्वारा अनरेटेड डेब्ट प्रपत्रों में निवेश करने का मुख्य आधार क्या होना चाहिए?


यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘10.8 — क्रेडिट जोखिम के संबंध में कुछ प्रावधान’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।

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