एक निवेशक जब आपके पास आता है और कहता है कि उसके लार्ज कैप फंड ने पिछले वर्ष 15 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, तो वह केवल सफलता देख रहा होता है। एक जागरूक म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर (MFD) के रूप में आपका कार्य केवल रिटर्न के आंकड़ों को स्वीकार करना नहीं है, बल्कि यह देखना है कि उस रिटर्न को पाने के लिए फंड मैनेजर ने कितना जोखिम उठाया है।
यदि दो फंड समान रिटर्न देते हैं, तो वह फंड बेहतर माना जाता है जिसने कम जोखिम के साथ वह लक्ष्य हासिल किया हो। यहीं पर शार्प (Sharpe) और ट्रेनर (Treynor) अनुपात का महत्व समझ में आता है, जो हमें रिटर्न की गुणवत्ता मापने में सहायता करते हैं।
शार्प अनुपात यह मापता है कि निवेश द्वारा अर्जित अतिरिक्त प्रतिलाभ (जो जोखिम-मुक्त दर से ऊपर है) उसके द्वारा लिए गए कुल जोखिम यानी मानक विचलन के अनुपात में कितना है। सरल शब्दों में, यह प्रति यूनिट कुल जोखिम पर मिलने वाला अतिरिक्त लाभ है। यदि आप एक रूढ़िवादी निवेशक के पोर्टफोलियो के लिए फंड चुन रहे हैं, तो उच्च शार्प अनुपात वाला फंड हमेशा पहली पसंद होना चाहिए, क्योंकि यह कम उतार-चढ़ाव में बेहतर प्रदर्शन का प्रमाण है।
दूसरी ओर, ट्रेनर अनुपात केवल बाजार के जोखिम यानी बीटा (Beta) पर ध्यान केंद्रित करता है। यह उन निवेशकों के लिए अधिक प्रासंगिक है जो पहले से ही एक अच्छी तरह से विविध (diversified) पोर्टफोलियो रखते हैं और यह जानना चाहते हैं कि सिस्टमैटिक रिस्क के बदले उन्हें कितना प्रीमियम मिल रहा है।
इन अनुपातों का उपयोग करते समय यह ध्यान रखना अनिवार्य है कि ये केवल अतीत के आंकड़ों पर आधारित होते हैं। एक फंड का पिछले तीन वर्षों का शानदार शार्प अनुपात यह गारंटी नहीं देता कि भविष्य में भी वह समान दक्षता बनाए रखेगा। MFD के तौर पर आपका काम केवल गणना करना नहीं, बल्कि इस गणित को निवेशक के व्यवहार से जोड़ना है।
जब आप निवेशक को यह समझाते हैं कि उनका फंड कम अस्थिरता में भी बाजार से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, तो आप उनके भीतर विश्वास पैदा करते हैं। अंततः, निवेश का चयन केवल रिटर्न की दौड़ नहीं है, बल्कि एक सचेत चुनाव है जो निवेशक के वित्तीय लक्ष्यों और उनकी जोखिम लेने की क्षमता के बीच एक स्थिर सामंजस्य स्थापित करता है।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
यदि दो म्यूचुअल फंडों का रिटर्न समान है, लेकिन फंड ‘अ’ का शार्प अनुपात फंड ‘ब’ से अधिक है, तो इसका क्या अर्थ है?
ट्रेनर अनुपात (Treynor Ratio) की गणना के लिए निम्नलिखित में से किस घटक की आवश्यकता होती है?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘10.7 — जोखिम के मापन’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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