एक म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में जब आप किसी निवेशक को हेजिंग (Hedging) के उद्देश्य से डेरिवेटिव्स का उपयोग करने वाले फंड सुझाते हैं, तो अक्सर चर्चा केवल मुनाफे की होती है। एक बार एक अनुभवी निवेशक ने मुझसे पूछा कि यदि मेरा फंड मैनेजर पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए इंडेक्स फ्यूचर्स का उपयोग कर रहा है, तो फिर भी शुद्ध एसेट वैल्यू (NAV) में गिरावट क्यों आ जाती है।
यहीं पर ‘आधार जोखिम’ या बेसिस रिस्क (Basis Risk) की भूमिका सामने आती है, जो एक एमएफडी के लिए समझना अनिवार्य है। आधार जोखिम तब उत्पन्न होता है जब हेज करने के लिए उपयोग किया गया डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट और वह अंडरलाइंग पोर्टफोलियो, जिसे सुरक्षित किया जा रहा है, पूरी तरह से एक समान गति से नहीं चलते।
कल्पना कीजिए कि एक फंड मैनेजर का पोर्टफोलियो निफ्टी 50 (Nifty 50) के शेयरों से बना है, लेकिन हेजिंग के लिए उन्होंने किसी अन्य इंडेक्स या किसी अलग कॉन्ट्रैक्ट का उपयोग किया है। यदि निफ्टी 1 प्रतिशत गिरता है और हेजिंग टूल केवल 0.8 प्रतिशत की सुरक्षा प्रदान करता है, तो शेष 0.2 प्रतिशत का अंतर ‘आधार जोखिम’ है।
एक एमएफडी के लिए यह समझना जरूरी है कि डेरिवेटिव्स का उपयोग जोखिम को शून्य नहीं करता, बल्कि उसे परिवर्तित या सीमित करता है। पोर्टफोलियो का चयन करते समय यदि फंड मैनेजर की शोध क्षमता (Due Diligence) इन सूक्ष्म अंतरों को पहचानने में चूक जाती है, तो निवेशक को अप्रत्याशित घाटा हो सकता है।
व्यावहारिक रूप से, यह जोखिम विशेष रूप से उन फंड्स में दिखाई देता है जो डेट और इक्विटी के जटिल मिश्रण का प्रबंधन करते हैं। जब आप किसी निवेशक को पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की सलाह देते हैं, तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि डेरिवेटिव्स का उपयोग केवल एक उपकरण है, न कि कोई जादुई सुरक्षा कवच। यदि फंड हाउस की क्रेडिट रिसर्च या मॉडल वैल्युएशन में आधार जोखिम को नजरअंदाज किया गया है, तो बाजार के प्रतिकूल समय में वह फंड अपनी सुरक्षात्मक भूमिका निभाने में विफल हो सकता है।
एक एमएफडी की असली सार्थकता तब सिद्ध होती है जब वह निवेश के रिटर्न के साथ-साथ उन अदृश्य जोखिमों को भी समझा सके जो कागज पर सरल दिखते हैं। बाजार की अनिश्चितता में डेटा हमेशा एक जैसा व्यवहार नहीं करता, और यहीं पर एक कुशल डिस्ट्रीब्यूटर की दूरदर्शिता काम आती है। याद रखिए, जोखिम का प्रबंधन ही निवेश की सफलता का असली आधार है, और आधार जोखिम को समझना इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक म्यूचुअल फंड स्कीम अपने इक्विटी पोर्टफोलियो को हेज करने के लिए डेरिवेटिव्स का उपयोग करती है। ‘आधार जोखिम’ (Basis Risk) का सबसे सटीक विवरण क्या है?
एक डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में, आप एक निवेशक को डेरिवेटिव्स आधारित हेजिंग के जोखिम के बारे में क्या समझाएंगे?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘10.1 — सामान्य और विशिष्ट जोखिम कारक’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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