एक निवेशक आपके कार्यालय में आता है और कहता है कि पिछले तीन वर्षों से उनका सारा पैसा लार्ज-कैप इक्विटी में है, और अब वे इस बात से परेशान हैं कि स्मॉल-कैप फंड बेहतर रिटर्न क्यों दे रहे हैं। यह स्थिति एक MFD के रूप में आपके लिए एक अवसर है कि आप उन्हें यह समझा सकें कि बाजार में विभिन्न एसेट क्लास, जैसे इक्विटी, डेट और गोल्ड, एक निश्चित चक्र में चलते हैं।
कोई भी एक एसेट क्लास हमेशा शीर्ष प्रदर्शन नहीं करती है। जब इक्विटी बाजार में तेजी होती है, तो हो सकता है कि डेट फंड स्थिर हों, और जब बाजार में गिरावट का दौर आता है, तो डेट या गोल्ड जैसे एसेट क्लास निवेशक की पूंजी की रक्षा का काम करते हैं।
वित्तीय बाजारों में इसे ‘मीन रिवर्जन’ का सिद्धांत कहा जाता है। इसका अर्थ यह है कि जो एसेट क्लास आज बहुत अधिक रिटर्न दे रही है, वह लंबे समय में अपने औसत प्रदर्शन पर वापस आ जाएगी, और जो आज उपेक्षित है, उसमें भविष्य में सुधार की संभावना होती है।
एक MFD के रूप में, यदि आप केवल उस फंड की सिफारिश करते हैं जो पिछले एक साल में सबसे ऊपर है, तो आप वास्तव में अपने निवेशक को ‘रिटर्न का पीछा करने’ (chasing performance) की गलती की ओर धकेल रहे हैं। इसके विपरीत, एक विविध पोर्टफोलियो बनाना, जिसमें विभिन्न एसेट क्लास के रिटर्न चक्र एक-दूसरे के विपरीत या पूरक हों, पोर्टफोलियो की समग्र अस्थिरता को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
उदाहरण के लिए, जब वर्ष 2020 में कोविड के कारण इक्विटी बाजार अचानक नीचे आए थे, तब उस समय इक्विटी-केंद्रित पोर्टफोलियो के साथ-साथ सोने (Gold) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। जिसने केवल इक्विटी में निवेश किया था, वह उस गिरावट में घबरा गया, लेकिन जिसने एसेट एलोकेशन के माध्यम से सोने को भी स्थान दिया था, उसका पोर्टफोलियो काफी हद तक सुरक्षित रहा।
एक MFD को यह समझना चाहिए कि पोर्टफोलियो का चयन करने के बाद उसे बाजार के चक्रों के अनुसार नहीं बदलना है, बल्कि विभिन्न एसेट क्लास के बीच एक ऐसा संतुलन बनाकर रखना है जो निवेशक के जोखिम लेने की क्षमता और उनके दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों के अनुकूल हो।
निवेशक अक्सर अल्पकालिक रिटर्न को ही सफलता का पैमाना मान लेते हैं, लेकिन एक कुशल MFD के तौर पर आपका काम उन्हें यह समझाना है कि सफलता विभिन्न एसेट क्लास के रिटर्न चक्रों के सामंजस्य में है। याद रखें, एसेट एलोकेशन का उद्देश्य हर साल सबसे अधिक रिटर्न प्राप्त करना नहीं, बल्कि हर बाजार चक्र में निवेशक के लक्ष्यों को जीवित रखना है। धैर्य और अनुशासन ही वे उपकरण हैं जिनसे आप लंबी अवधि में निवेशक का भरोसा जीतते हैं और उनके वित्तीय भविष्य को स्थिरता प्रदान करते हैं।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक MFD अपने निवेशक को पोर्टफोलियो में सोने (Gold) और डेट (Debt) फंड्स शामिल करने की सलाह देता है, जबकि इक्विटी का प्रदर्शन बहुत अच्छा चल रहा है। इस सलाह के पीछे मुख्य कारण क्या है?
यदि एक पोर्टफोलियो में इक्विटी और डेट का आवंटन समय के साथ बाजार की चाल के कारण 60:40 से बदलकर 80:20 हो जाता है, तो MFD को क्या करना चाहिए?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘1.8 — परिसंपत्ति आबंटन (एसेट एलोकेशन) को समझना’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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