एक MFD के पास अक्सर ऐसे निवेशक आते हैं जो शेयर बाजार की अस्थिरता को देखकर भयभीत हो जाते हैं और अपनी पूरी पूंजी केवल बैंक की सावधि जमाराशि (FD) या बचत खातों में ही सीमित रखना चाहते हैं।
आप जब इन निवेशकों के पोर्टफोलियो की समीक्षा करते हैं, तो आपका प्राथमिक दायित्व केवल बाजार के जोखिमों के बारे में चेतावनी देना नहीं है, बल्कि उन्हें उस अदृश्य जोखिम से परिचित कराना है जो दीर्घकालिक संपत्ति सृजन के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है। मुद्रास्फीति की दर, जो अक्सर बैंक जमा पर मिलने वाले कर-पश्चात (post-tax) रिटर्न से अधिक होती है, धीरे-धीरे निवेशक की क्रय शक्ति को नष्ट कर देती है।
दीर्घावधि संपत्ति सृजन का अर्थ केवल निवेशित राशि को बचाना नहीं, बल्कि उसे समय के साथ बढ़ने वाली महंगाई की दर से अधिक दर पर विकसित करना है। उदाहरण के लिए, यदि एक सेवानिवृत्त होने वाले व्यक्ति ने अपनी पूरी पूंजी को केवल ऋण आधारित उपकरणों में रखा है, तो वह 15 वर्षों बाद अपनी वर्तमान जीवनशैली को बनाए रखने में अक्षम हो सकता है क्योंकि वस्तुओं और सेवाओं की लागत मुद्रास्फीति के कारण कई गुना बढ़ जाएगी।
एक MFD के रूप में, यह आपका कर्तव्य है कि आप उन्हें इक्विटी या हाइब्रिड फंड जैसी श्रेणियों के माध्यम से मुद्रास्फीति को मात देने वाले रिटर्न की आवश्यकता समझाएं।
निवेशक अक्सर अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को ‘जोखिम’ मान लेते हैं, जबकि वास्तविक जोखिम वह है जहाँ निवेश की वृद्धि दर जीवन यापन की लागत के साथ तालमेल नहीं बिठा पाती। जब आप किसी निवेशक के लिए संपत्ति आवंटन (asset allocation) का निर्माण करते हैं, तो आपको उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि दीर्घावधि में केवल इक्विटी ही वास्तविक संपत्ति (real return) बनाने की क्षमता रखती है। बिना उचित जोखिम प्रबंधन के, पोर्टफोलियो का अत्यधिक रूढ़िवादी होना वास्तव में निवेशक के वित्तीय भविष्य को असुरक्षित बना देता है।
एक कुशल MFD का अनुभव यहीं काम आता है कि वह निवेशक को बाजार की घबराहट के दौरान भी उनके दीर्घकालिक लक्ष्यों की याद दिलाता है। आप उन्हें यह समझाते हैं कि आज का निवेश किया गया पैसा, जो उचित जोखिम लेकर बढ़ाया जा रहा है, कल उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने का मुख्य आधार होगा। अंततः, सफल निवेश का रहस्य अस्थिरता से बचने में नहीं, बल्कि समय की शक्ति और मुद्रास्फीति के प्रभाव को समझते हुए अपनी रणनीति को अनुशासन के साथ लागू करने में निहित है।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक निवेशक 20 वर्षों के लिए निवेश करना चाहता है लेकिन जोखिम से बचने के लिए केवल बचत बैंक खाते का विकल्प चुनता है। एक MFD के रूप में, आप उसे दीर्घावधि संपत्ति सृजन के संदर्भ में क्या समझाएंगे?
दीर्घावधि संपत्ति सृजन के लिए निम्नलिखित में से कौन सा दृष्टिकोण एक MFD के लिए सबसे उपयुक्त है?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘1.4 — निवेश जोखिम’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
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