एक MFD के पास अक्सर ऐसे निवेशक आते हैं जो शेयर बाजार की अनिश्चितता से बचने के लिए केवल सोने या चांदी जैसी भौतिक संपत्तियों पर निर्भर रहते हैं। जब आप उनसे बात करते हैं, तो वे भौतिक धातु को सुरक्षित मानते हैं, लेकिन वे इसके भंडारण जोखिम, शुद्धता की चिंता और तरलता (liquidity) की चुनौतियों को अनदेखा कर देते हैं।
यहाँ एक MFD के रूप में आपकी भूमिका यह समझाने की होती है कि कैसे कमोडिटी म्यूचुअल फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) इन बाधाओं को दूर करते हुए पोर्टफोलियो में मूल्य जोड़ सकते हैं।
कमोडिटी आधारित म्यूचुअल फंड या ETF एक ऐसी निवेश संरचना है जहाँ निवेशक प्रत्यक्ष सोना या चांदी खरीदने के बजाय, उन वित्तीय साधनों में निवेश करते हैं जिनका मूल्य अंतर्निहित कमोडिटी के वैश्विक या स्थानीय बाजार भाव से जुड़ा होता है। सोने के मामले में, गोल्ड ETF शुद्ध भौतिक सोने में निवेश करते हैं और उनकी इकाइयाँ स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होती हैं। यह पद्धति निवेशक को भौतिक लॉकर के किराये या सुरक्षा की चिंता से मुक्त करती है।
साथ ही, यह छोटे से छोटे निवेश राशि से शुरू करने की सुविधा भी प्रदान करती है, जिससे निवेशक अपनी परिसंपत्ति आवंटन (asset allocation) को बेहतर ढंग से संतुलित कर पाते हैं।
जब आप किसी निवेशक को गोल्ड ETF या गोल्ड फंड की सलाह देते हैं, तो आप उन्हें एक ऐसा माध्यम प्रदान कर रहे होते हैं जो पोर्टफोलियो में हेजिंग (hedging) का कार्य करता है। मुद्रास्फीति के प्रतिकूल समय में या जब इक्विटी बाजार में भारी गिरावट आती है, तो कमोडिटी का प्रदर्शन अक्सर अन्य परिसंपत्तियों के विपरीत (uncorrelated) होता है, जो समग्र जोखिम को कम करता है।
एक MFD के रूप में, आपका कार्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशक कमोडिटी को ‘मुनाफा कमाने का जरिया’ मानने के बजाय, इसे ‘पोर्टफोलियो की स्थिरता’ का आधार मानें।
यदि आप इस श्रेणी को सही ढंग से नहीं समझाते हैं, तो निवेशक गलत उम्मीदें पाल सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, एक निवेशक यह मान सकता है कि सोने के फंड उसे इक्विटी जैसे रिटर्न देंगे, लेकिन कमोडिटी का मुख्य उद्देश्य पूंजी की सुरक्षा और विविधता लाना है, न कि तेजी से धन का सृजन करना।
पोर्टफोलियो निर्माण में आपकी सक्षमता इसी बात से झलकती है कि आप किस तरह कमोडिटी को एक सामरिक घटक (strategic component) के रूप में पेश करते हैं ताकि निवेशक बाजार के किसी भी चक्र में धैर्य बनाए रख सके।
💡सूक्ष्म बिंदु
🧠 ज्ञान परखें
एक निवेशक जो नियमित आय नहीं चाहता लेकिन सोने की कीमतों में होने वाली वृद्धि का लाभ उठाना चाहता है, उसे आप इनमें से क्या सुझाव देंगे?
कमोडिटी आधारित म्यूचुअल फंड्स को पोर्टफोलियो में क्यों शामिल किया जाना चाहिए?
यह लेख अखिलेश गुरुरानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर्स परीक्षा में सफलता पाएं’ के अनुभाग ‘1.3 — विभिन्न परिसंपत्ति श्रेणियाँ (एसेट क्लास)’ का पूरक (companion) अध्याय है। पुस्तक का संपूर्ण संस्करण अमेज़न किंडल (Amazon Kindle) पर उपलब्ध है।
कॉपीराइट (स्वत्वाधिकार) © २०२६ `अखिलेश गुरुरानी. सर्वाधिकार सुरक्षित.